
Nadi Jyotish / Nadi Sashtra
हर अंगुली की रेखा नहीं, बल्कि हर आत्मा की कहानी छिपी है ऋषियों की पत्तियों में।
नाड़ी ज्योतिष भारत की एक अत्यंत प्राचीन, दिव्य और रहस्यमयी विद्या है, जिसे वैदिक सिद्ध ऋषियों ने अपनी कठोर तपस्या और दिव्य दृष्टि के माध्यम से सहस्रों वर्ष पूर्व प्रकट किया। यह केवल भविष्यवाणी की पद्धति नहीं है, बल्कि आत्मा के अतीत, वर्तमान और भविष्य की संपूर्ण कथा है। यह एक ऐसा आध्यात्मिक संवाद है, जिसमें वह ऋषि आपसे बात करता है जिसने आपके जन्म से पहले ही आपकी आत्मा की यात्रा को देख लिया था। तमिलनाडु के वैद्येश्वरन कोविल जैसे पवित्र स्थलों में सुरक्षित रखे गए नाड़ी पत्ते ताड़ के पत्तों पर लिखे गए हैं, जिनमें व्यक्ति विशेष के जीवन की सम्पूर्ण जानकारी अंकित होती है। ये पत्ते अगस्त्य, वशिष्ठ, भृगु, कौशिक, शुक जैसे महान ऋषियों द्वारा लिखे गए हैं, जिन्होंने ‘आकाशिक रिकॉर्ड्स’ से आत्माओं की जानकारी प्राप्त कर उसे लिपिबद्ध किया।